सोमवार, 8 सितंबर 2025

व्हाइट इज डर्टी

साफ–सुथरे शहर,
शहर के साफ–सुथरे लोग,
चूने से भी ज्यादा सफेद,
पुट्टी लगाए चेहरे— हू-ब-हू एक जैसे।

क्योंकि शहर में रहना मतलब—
वेल एजुकेटेड, वेल मैनर्ड और सबसे ज़रूरी—सफेद।
सफेद यानी साफ।

मगर पता नहीं क्यों,
एयर-कंडीशनर की ठंडी में
ये वेल एजुकेटेड लोग
जम गए हैं,
अपने लिए भी नहीं बोल पा रहे।
और वेल मैनर्ड लोग
बर्गर के नीचे कुचल गए हैं,
आस–पास की गंदगी तक साफ नहीं कर पा रहे।

सफेद से रिसते हैं—
बदबूदार,
टॉयलेट पेपर यूजर,
अर्बन व्हाइट कबूतर।

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