रविवार, 21 दिसंबर 2014

Richard Hamming "You and Your research"

प्रथम कड़ी

( यह हिंदी अनुवाद है रिचर्ड हैमिंग के साथ बातचीत का, जो २०० बेल लैब के कोर सदस्यों और आगन्तुकों के साथ मोरिस रिसर्च और इंजीनियरिंग सेंटर में       मार्च ७ , १९८६ में किया गया था । इस बातचीत को श्रृंखलाबध्द तरीके से आपके सामने लाने के लिए मैं उनका आभारी हूँ जिनके द्वारा यह मुझे प्राप्त हुआ है ।)
   
      मुझे यह आवश्यक लगा कि रिचर्ड हैमिंग का परिचय आपसे पहले करा दिया जाए । रिचर्ड हैमिंग , एक प्रोफेसर नवल पोस्टग्रेजुएट स्कूल, मॉनटेरे (कैलिफ़ोर्निया ) में एवं एक सेवानिवृत बेल लैब वैज्ञानिक थे। यह बातचीत रिचर्ड हैमिंग के द्वारा एक प्रश्न के निरिक्षण एवं रिसर्च पर केन्द्रित है और वह प्रश्न है " क्यों कुछ वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया और क्यों कुछ इस लम्बी दौड़ मे ही खो गए ? " उनके चालिस साल के कार्यानुभव में, जिसमें से तीस साल उन्होनें बेल लैब में बिताए । वहॉ उन्होने कई प्रत्यक्ष निरिक्षण किए , वैज्ञानिकों के बारे में अनसुलझे प्रश्न कि   वे क्या , कैसे और क्यों करते हैं ? महान वैज्ञानिकों के जीवन का अध्ययन और उनके योगदान का अध्ययन किया और आत्म निरिक्षण भी किया और रचनात्मकता के सिध्दांत का अध्ययन भी किया। यह बातचीत इस बारे में है कि उन्होंने वैज्ञानिकों के व्यक्तिगत विशेषताओं , उनकी क्षमताओं , गुण , कार्य करने की रूचि , अभिरूचि और दर्शन का अध्ययन करने के पश्चात् क्या पाया ?
      इसी पूरी बातचीत की शुरुआत ऐलन जी. चयनोवेथ के द्वारा रिचर्ड हैमिंग के श्रोताओं के साथ परिचय के साथ शुरू होती है ।
      ऐलन जी. चयनोवेथ कहते है कि रिचर्ड हैमिंग या डिक हैमिंग हमेशा से गणित और कंप्यूटर साइंस में अच्छे थे । उनकी आरंभिक शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो और नेब्रास्का में हुई और उन्होंने पी.एच.डी. इलेनॉइस से प्राप्त की । उसके बाद वे लड़ाई के दौरान लोस एलामोस प्रोजेक्ट से जुड़ गए । उसके बाद 1946 में वे बेल लैब से जुड़ गए और वही हम दोनों मिले। रिचर्ड ने गणित और कंप्यूटर साइंस से जुडी 7 बेहतरीन किताबें भी लिखी । ऐलन इस अवसर पर रिचर्ड का एक कथन याद दिलाते है कि " यहाँ वेव लेंथ है जिसे लोग देख नहीं सकते, यहाँ साउंड है जिसे लोग सुन नहीं सकते और शायद कंप्यूटर के भी विचार होते है जिसके बारे में लोग सोच नहीं सकते ।"
         

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