जेन मन थोड़ी दुनिया देखे हे,
वो पैसा, जमीन अउ सोना जानथे।
जेन मन ज्यादा देखे हे,
वो कमाथें, बचाथें अउ उड़ा देथें।
जेन मन इजराइल, गाजा, यूक्रेन देखे हे,
वो बस जीये बर चाहथें।
कमाय ले जादा खर्च करना चाहथें।
मार के बाद पैसा,
उधारी चुकाना नई हे।
जमीन काबर खरीदी?
घर काबर बनाय?
सब तो मिसाइल के निशाना मं हे।
जब हम खुद नई बचबो,
त पैसा का बचाबो?
पैसा हमन ला नई बचाही।
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