सोमवार, 22 जनवरी 2018

सवाल और जिनको इसने सुलझा दिया

हर साल एक जमघट-सा लगता है । एक ही दिन में क्रमशः दो बार ; एक बार सुबह और एक बार दोपहर में । सालाना किस्मत और मेहनत आजमाने का दिन आता है । ऐसी कई एक दिवसीय परीक्षाएँ आयोजन होने को होती है जिनके परिणाम भी आते हैं । परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र होता है और प्रश्न-पत्र में प्रश्न । प्रश्न सीमित गिनती में होते हैं । प्रश्नों को देखकर विद्यार्थी सोचते है आखिर यही प्रश्न  क्यों आया ? शायद प्रश्नों के आने के पीछे एक सुबोध और पहेलीनुमा कारण छुपा देने में भी परीक्षा लेने वाली संस्थाओं का कोई मन्तव्य छिपा हो । साल भर में कई सवाल चर्चा का विषय होते हैं । उनमें से कई विभिन्न मॉडल प्रश्न-पत्र में आते हैं , कई टेस्ट श्रृंखला में आते हैं । कई बेहद शानदार सवाल कहीं भी नहीं आते हैं या यूँ कह ले कई घटनाएँ , अपनी जगह प्रश्नों के रूप में नहीं बना पाती है । कुछ घटनायें अपने घटने के कई वर्षों के बाद प्रश्न-पत्र में देखी जाती है । सामान्य ज्ञान तौलने वाली ऐसी परीक्षाएँ जिनमें समसामयिक घटनाओं के भी प्रश्न होते हैं । इन परीक्षाओं में सफल होने वाले भी सालाना सवालों के समान ही, कुछ झट से चयनित हो जाते हैं । कुछ बहुत होनहार होने के बाद भी साल दर साल इंतज़ार करते रहते हैं । और कुछ बेहतरीन सवालों की तरह जो कभी नहीं आते हैं उसी प्रकार कुछ प्रतिभागी कभी-भी चयनित नहीं हो पाते हैं । 

एक सज्जन ने मुझसे पूछ लिया कि आखिर क्यों कुछ चयनित हो जाते हैं और कुछ नहीं ? तो प्रश्न का उत्तर इस बात में छिपा है कि चयन करने वाले की प्राथमिकता क्या है ? उसे जो चाहिए और आप जो है इन दोनों के बीच जितनी कम विसंगति होगी । व्यक्ति उतनी ही शीघ्रता से चयनित हो जाएगा ।

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