बुधवार, 10 जुलाई 2019

लग सकता है !
ये तो फूल सरीखे कोमल है ।
गंधइले , जंगली लोमड़ है ।
बेरंग असमय खिला करते ,
आंखों में खुजली के कारण ये ।
नजदीक अगर गए आप,
छींक छींक के लाल नाक ।
तीखे नुकीली जहरीले पराग ,
बिखरे बिखरे मैले दाग,
कभी नहीं देखा हिलते ,
खिलते जितना खलते उतना ।

सड़े गले दलदल में भी ,
पड़े सड़े कचड़े में भी ,
आसानी से न मिल पाते ,
खिलते हिलते मुरझाते ।
सोते भौरे , कीड़े कीट ,
उड़ते पंक्षी , चमगादड़ ढींठ ।